Saturday, Jun 02, 2007
धुआँ-धुआँ सा उठ रहा क्या है
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कवि- राजीव रंजन प्रसाद
स्वर- राजीव रंजन प्रसाद
अक्षर- मेरे सीने में जल रहा क्या है
स्रोत- हिन्द-युग्म
Posted by Hind-Yugm at 7:40 AM | MAKE A COMMENT
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