Tuesday, Jul 03, 2007
चलो कुछ बात करें
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कवि- गौरव सोलंकी
स्वर- शोभा महेन्द्रू
अक्षर- चलो कुछ बात करें
स्रोत- हिन्द-युग्म
Posted by Hind-Yugm at 11:11 PM | 2 comments
2 Comments:
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शोभा जी,
आपकी आवाज़ में बहुत कशिश है। उम्मीद है कि हिन्द-युग्म के श्रोता कविताओं को और बेहतर ढ़ंग से सुन पाएँगे। अगली कविता का इंतज़ार रहेगा।
शोभा जी,
गौरव जी की ऐसी अद्भुत कविता आपकी आवाज पा कर जीवंत हो उठी है
आभार
सस्नेह
गौरव शुक्ल