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Wednesday, Jul 04, 2007

चल यार कुछ सद्दा लूटें

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कवि- देवेश वशिष्ठ 'ख़बरी'
स्वर- देवेश वशिष्ठ 'ख़बरी'
अक्षर- चल यार कुछ सद्दा लूटें
स्रोत- हिन्द-युग्म

Posted by Hind-Yugm at 4:09 AM |  1 comments  

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1 Comments:

sunita(shanoo) chotia said...

वाह देवेश गज़ब की आवाज है तुम्हारी… मज़ा आ गया…घर में सभी ने सुना… बचपन की शरारते बहुत याद दिलाई…और तुम्हारी आवाज में तो जादू है…

मेरा आशीर्वाद है हमेशा तुम्हारे साथ्…

सुनीता(शानू)

3:24 AM

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