Friday, Sep 14, 2007
हिन्दी दिवस विशेष : 3
Download this episode (3 min)
कवि- शोभा महेन्द्रू
स्वर- विकास कुमार
अक्षर- काव्य-पल्लवन
स्रोत- हिन्द-युग्म
Posted by Hind-Yugm at 11:30 AM | 4 comments
4 Comments:
Recent Posts
हिन्दी दिवस विशेष : 2हिन्दी दिवस विशेष : १
अंतर्द्वन्द्व
एकांत की ख़्वाहिशें
मौन
लड़कियाँ
स्वर्ग में समस्याएँ
Archives
Nov 2007Oct 2007
Sep 2007
Aug 2007
Jul 2007
Jun 2007
May 2007
प्रिय विकास
तुमने तो कविता में जान डाल दी । कविता को इतने अच्छे ढ़ंग से पढ़ा ।
मेरे भावों को तुमने मुझसे भी अच्छा जाना । हिन्द युग्म को तुम्हारी आवाज़ एक वरदान है ।
तुम अपनी आवाज़ से हर कवि को जन-जन तक पहुँचाने की क्षमता रखते हो ।
बहुत-बहुत आशीर्वाद एवं हार्दिक बधाई ।
धन्यवाद शोभा जी!
आपके प्रेरणापूर्ण आशीर्वाद से मैं अनुग्रहित हुआ. :)
कृपादृष्टि बनाये रखें.
शोभा जी सहमत हूँ, आपने तो जान डाल दी है। एक-दो जगह उच्चारण की अशुद्धियाँ हैं। जैसे आपने 'ढ़' का उच्चारण ठीक से नहीं किया। 'ढूँढ़ना' में आप दूसरे 'ढ़' को 'ढ' बोल रहे थे। ध्यान दीजिएगा।
शैलेश जी! गलतियोंं को इंगित करने के लिए धन्यवाद. आगे से सुधारने की कोशिश करूँगा. अगर आप सब इसी तरह स्नेह बनाये रखें तो एक दिन यह जड़मति भी सुजान बन ही जायेगा.