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Wednesday, Sep 26, 2007

दिल अभी पास था

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कवि- तुषार जोशी
स्वर- सुबोध साठे
अक्षर- दिल अभी पास था
स्रोत- हिन्द-युग्म

Posted by Hind-Yugm at 4:16 AM |  3 comments  

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3 Comments:

शैलेश भारतवासी said...

सुबोध जी,

आपकी आवाज़ और संगीत (गिटार) हर गीत में जान फूँक देते है। आपकी कला हो शत-शत नमन। इसकी शुरूआत सुनने पर 'भूल गए जी' होने का भ्रम होता है।

9:37 AM
Anonymous said...

bahut khub sir ji :)
_bipin

3:13 PM
shobha said...

सुबोध जी
तुषार जी की कविता बहुत सुन्दर आवाज़ दी है आपने । गीत-संगीत दोनो ही बढ़िया लगा ।

6:09 AM

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